भाषा और बोली में क्या अंतर है स्पष्ट कीजिये

दोस्तों आज हम भाषा और बोली में क्या अंतर होता है और क्या भाषा से बोली बन सकती है ? इन सभी के बारे में आज जानकरी प्राप्त करेंगे 

वैसे तो सही तौर पर भाषा और बोली में अंतर कर पाना मुश्किल है, भाषा जब सीमित क्षेत्र में प्रयुक्त ( इस्तमाल) होने लगती है तो वह बोली बन जाती है और जब यही बोली विस्तृत क्षेत्र में बोली जाती है तो उसे भाषा कहते है

भाषा और बोली में क्या अंतर होता है

बोली किसे कहते है ? 

किसी सीमित क्षेत्र में बोले जाने वाले भाषा को बोली भाषा कहते है यह भाषा का सबसे अधिक सीमित और छोटा रूप होता है | किसी छोटे क्षेत्र में स्थानीय व्यवहार में प्रयुक्त होने वाले भाषा का रूप बोली कहलाता है बोली उनती करके विभाषा बनती है | 

भाषा किसे कहते है ? 

जब हम अपनी बात बोल कर या लिख कर दुसरो के सामने रखते है और दूसरे की बात को समझते है उसे ही हम भाषा कहते है , भाषा का उपयोग अपने क्षेत्र के बाहर बोलचाल के लिए किया जा सकता है 

भाषा और बोली में अंतर

भाषा बोली 
भाषा का क्षेत्र विस्तृत यानी की बड़ा होता है बोली का क्षेत्र ( भाषा के मुकाबले सीमित होता है 
एक भाषा एक अंदर कई बोलियाँ हो सकती है जैसे की हिंदी भाषा के अंदर 18 बोलियाँ है एक बोली के अंदर कई भाषा नहीं हो सकती है बोली के अंतर्गत उपबोलिया हो सकती है  जैसे : वैसवाड़ी अवधि की एक उप-बोली है | 
भाषा का प्रयोग शिक्षा , ज्ञान ,विज्ञान के क्षेत्र किया जाता है बोली का उपयोग साहित्यिक क्षेत्र में नहीं किया जाता है
भाषा का प्रयोग साहित्य, शासन , प्रशासन में होता है बोली का उपयोग दैनिक बोलचाल में और लोकसाहित्य में किया जाता है 
भाषा का प्रयोग अपने क्षेत्र के बाहर बोलचाल के लिए किया जा सकता है बोली का प्रयोग क्षेत्रीय लोगो के साथ बोलचाल के लिए किया जा सकता है 
भाषा का एक मानक रूप होता है बोली का कोई मानक रूप नहीं होता है 
भाषा बोलने वालो की संख्या बोली के मुकाबले   अधिक होती है बोली भाषा बोलने वालो की संख्या कम होती है 
हिंदी भाषा बोलने वालो की संख्या लगभग 320 करोड़ है अवधि बोलने वालो की संख्या २.5 करोड़ है 

भाषा और बोली में क्या अंतर होता है

भाषा एक विस्तृत और व्यापक क्षेत्र में बोली जाती है इसके उलट बोली स्थानीय क्षेत्र में बोली जाती है बोली का इस्तमाल आप अपने क्षेत्र के बाहर कर सकते है, लेकिन बोली का इस्तमाल सिर्फ स्थानीय लोगो से बोलचाल के लिए किया जा सकता है

उपभाषा और बोली में क्या अंतर है 

उपभाषा बोली 
उपभाषा , भाषा और बोली के बीच की कड़ी है भाषा के क्षेत्रीय रूप को बोली कहते है 
उपभाषा का प्रयोग बोली की तुलना में बड़े क्षेत्र में तथा भाषा के अपेक्षा में छोटे क्षेत्र में किया जाता है देश के विभिन्न क्षेत्रो में बोली जाने वाली भाषा बोली कहलाती है |
एक भाषा के अंतर्गत कई उपभाषाए तथा एक उपभाषा के अंतर्गत कई बोलियाँ होती है बोली में व्याकरण तथा साहित्य का अभाव होता है 
बोलियाँ के विकसित रूप को उपभाषा कहते है कई बोलियों के समन्वय से ही भाषा का निर्माण होता है 
कई उपभाषाओ में उच्च की साहित्यिक रचनाये हुई है बोली में समान्यत: न तो साहित्य की रचना की जाती है और न ही लिपि व्याकरण अपेक्षित है 

राष्ट्रभाषा किसे कहते है ?

राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य एव विभिन्न राज्यों के लोगो के द्वारा अपनाई जाने वाली समृद्ध भाषा राष्ट्रभाषा कहलाती है, हिंदी भाषा को भारत की राष्ट्र भाषा का दर्जा मिला है इसमें राष्ट्र की संस्कृति , साहित्य एव ऐतिहासिक तथ्यों का समावेश होता है | यह राष्ट्र की संपर्क भाषा के रूप में स्वीकार्य होती है |

निष्कर्ष

तो आज इस पोस्ट में आपने जाना की भाषा और बोली में क्या अंतर है ? मुझे पूरी उम्मीद है की इस पोस्ट को पढने के बाद समज आ गया होगा की भाषा क्या है और बोली किसे कहते है? अगर आप और ज्यादा पढना चाहे तो आप भाषा किसे कहते है और उसके कितने प्रकार होते? इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते है | पोस्ट पसंद आया हो तो जरुर शेयर कीजिये जिससे किसी स्टूडेंट का भला हो जाये और अगर आपको इस पोस्ट के बारे में कोई भी शंका हो तो कमेंट जरुर करे , आपके सवालो के जवाब देने में मुझे आनंद होगा |

Nilkanth sahu

मै एक कॉमर्स का student हु मुझे टेक्नोलॉजी और इन्टरनेट के बारे में नयी बाते जानना और जानकारी शेयर करना पसंद है मै Chhattisgarh का रहने वाला हु अगर आपको ये ब्लॉग अच्छी लगे तो आप इसे अपने फ्रेंड्स के साथ शेयर करे धन्यवाद !

This Post Has One Comment

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